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बुधवार, 14 जनवरी 2015

पापा कितना खुश होते हैं?

जब अखबारों में भूले-भटके नाम मेरा आ जाता है
जब मेरा कोई लिखा हुआ गीत घर में मिल
जाता है
जब सुबह-सुबह आँख खुलते ही फोन मेरा घर
जाता है
पापा कितना खुश होते हैं??
दिन भर की भाग दौड़ से जब पापा थक जाते
हैं
मुकदमों की माथापच्ची छोड़ घर मे जब आते हैं
जब मम्मी अपने हाथों से चाय बना कर
लाती है
पापा कितना खुश होते हैं?
जब भइया अंग्रेजी में कोई गाना गाता है
जब पापा के मित्रों को कानून सिखाता है
जब सबको अपने इंग्लिश से वो चुप सा कर देता है
पापा कितना खुश होते हैं?
जब अम्मा मोटर की सीटी सुनकर बाहर
आती है
पापा को सीढ़ी चढ़ते देख मन में मुस्काती है
जब अम्मा आभार भरे नयनों से
शिवाला तकती है
पापा कितना खुश होते हैं?
जब हम पापा के बालों पे कोई कलर लगाते हैं
पर पापा धीरे से भगने की कोई जुगत लगाते हैं
जब हम पापा से रुकने की ज़िद करने लगते हैं
पापा कितना खुश होते हैं?
अम्मा, मम्मी, भैया और मैं
कितना छोटा अपना कोना,
दुनिया में सबसे प्यारा हमको
पापा का खुश होना।

4 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर भावपूर्ण रचना , पापा की ख़ुशी का ख़याल रखना और उनके सुख दुःख के बारे में सोचना बच्चो का फर्ज़ होता है

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  2. बहुत ही भावपूर्ण ... बच्चों को माता पिता की ख़ुशी से बढ़ कर कुछ नहीं होता ... भाग्यशाली हैं ऐसे माता पिता ...

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  3. मेरी बेटी के पापा बहुत ही अच्‍छे हैं। अच्‍छी रचना के लिए धन्‍यवाद।

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