सोमवार, 1 मई 2017

ये है हमारी टीम 'लोकल डिब्बा

ये है हमारी टीम 'लोकल डिब्बा। सब अलग-अलग मीडिया संस्थानों में।
चुलबुली राइटर पल्लवी बहिनिया और अनपेड रिपोर्टर दया APN में चले गए। मजदूर पत्रकार नीलेश नवभारत टाइम्स में और मैं ग़ज़बपोस्ट में।
लोकल डिब्बा के सबसे अच्छे और फ़ेमस पत्रकार( जो कि हमारे टीम के chief executive officer और editor in chief हैं) गौरव कुछ अलग करने वाले हैं।

अगले आने वाले कुछ सालों में किसी बड़े चैनल में मेरा दोस्त प्राइम टाइम एंकर होगा।
गौरव की ख़ास बात है कि नींद में भी अगर कोई कैमरा इस पर फोकस कर दे तो ये पीस टू कैमरा करने लगता है।
जितनी बेहतरीन स्क्रिप्टिंग उतनी ही बेहतर संवाद अदायगी।
इसका फ़ेवरिट quote है-
नमस्कार! मैं गौरव प्रभात पांडेय।
राजनीति में जब बरसने आग बचे तो रुख हवाओं की ओर कर लेनी चाहिए ।
मतलब तो आज तक हमारे समझ में नहीं आया लेकिन दिन में बारह बार इससे सुने बिना हम रहते नहीं।
प्रो.देवेश किशोर सर के पास मुझे और नीलेश को गौरव के इसी कोटेशन पर शोध ग्रंथ लिखवाने जाना है।
इतने सारे अल्हड़-अलमस्त दोस्तों के बीच वक़्त कब बीत गया पता ही नहीं चला।
बहुत याद आओगे तुम सब यार।

1 टिप्पणी:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (03-11-2017) को
    "भरा हुआ है दोष हमारे ग्वालों में" (चर्चा अंक 2777)
    पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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